तमिलनाडु की राजनीति में भूचाल, AIADMK टूटने से TVK को मिला बड़ा सहारा
चेन्नई। तमिलनाडु की राजनीति में एक बड़ा और चौंकाने वाला उलटफेर हुआ है, जिसने अभिनेता से राजनेता बने थलापति विजय की राह आसान कर दी है। राज्य की मुख्य विपक्षी पार्टी एआईएडीएमके (AIADMK) में आधिकारिक रूप से बड़ी टूट हो गई है, जिसका सीधा फायदा विजय की पार्टी 'तमिलगा वेत्त्री कझगम' (TVK) को मिलता दिख रहा है। बहुमत के आंकड़ों के लिए संघर्ष कर रही टीवीके के लिए यह किसी बड़ी संजीवनी से कम नहीं है।
एआईएडीएमके में दो फाड़: टीवीके को मिला बड़ा समर्थन
तमिलनाडु विधानसभा में फ्लोर टेस्ट (बहुमत परीक्षण) से ठीक पहले एआईएडीएमके दो गुटों में बंट गई है। मंगलवार को सीवी शनमुगम के नेतृत्व वाले विद्रोही गुट ने थलापति विजय की पार्टी टीवीके को बिना शर्त समर्थन देने का ऐलान कर दिया। इस टूट के बाद अब पूर्व मुख्यमंत्री ई. पलानीस्वामी (EPS) के पास केवल 22 विधायकों का समर्थन बचा है, जबकि सीवी शनमुगम के गुट में 24 विधायक शामिल हो गए हैं। इन 24 विधायकों के साथ आने से विधानसभा में टीवीके की स्थिति न केवल मजबूत हुई है, बल्कि सरकार बनाने की उनकी दावेदारी को भी भारी बल मिला है।
डीएमके के साथ गठबंधन से इनकार और वैचारिक स्टैंड
विद्रोही गुट के नेता सीवी शनमुगम ने स्पष्ट किया कि उन्होंने डीएमके (DMK) के साथ मिलकर सरकार बनाने के सुझाव को पूरी तरह खारिज कर दिया है। उन्होंने कहा कि एआईएडीएमके का जन्म ही 53 साल पहले डीएमके के विरोध में हुआ था और अगर वे सत्ता के लालच में उनके साथ हाथ मिलाते, तो पार्टी का अस्तित्व ही खत्म हो जाता। शनमुगम के अनुसार, उनके गुट के अधिकांश सदस्यों ने डीएमके को सत्ता से बाहर रखने के संकल्प के साथ थलापति विजय का साथ देने का फैसला किया है। इसके साथ ही इस गुट ने एसपी वेलुमणि को अपना नया फ्लोर लीडर भी चुन लिया है।
थलापति विजय के लिए खुशखबरी और नया सियासी समीकरण
सरकार बनाने के जादुई आंकड़े से दूर दिख रहे थलापति विजय के लिए यह घटनाक्रम किसी बड़ी जीत से कम नहीं है। जहां पहले वे एक-एक विधायक के समर्थन के लिए जूझ रहे थे, वहीं अब उनके पास विधायकों का एक पूरा कुनबा समर्थन के लिए खड़ा हो गया है। तमिलनाडु की वर्तमान बिखरी हुई राजनीतिक स्थिति में टीवीके अब एक निर्णायक शक्ति बनकर उभरी है। इस नए गठबंधन के बाद राज्य की राजनीति में सत्ता का संतुलन पूरी तरह बदल गया है, जिससे डीएमके खेमे में भी बेचैनी बढ़ गई है।

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