मध्य प्रदेश में आउटसोर्स कर्मचारियों पर गिरी गाज
हमीदिया अस्पताल से 400 समेत 500 टेलीमेडिसिन कर्मी हटाए, बढ़े वेतन से बचने की कवायद
भोपाल । मध्य प्रदेश में आउटसोर्स कर्मचारियों के लिए मुश्किल भरा दौर शुरू हो गया है। हाईकोर्ट की इंदौर बेंच द्वारा श्रमिकों के न्यूनतम पुनरीक्षित वेतन पर लगा स्टे हटाने के बाद विभिन्न विभागों में बड़े पैमाने पर छंटनी की जा रही है। स्वास्थ्य विभाग में सबसे ज्यादा प्रभावित होने वाले कर्मचारियों में भोपाल के हमीदिया अस्पताल से 400 और सिंगरौली अस्पताल से 15 सहित पूरे प्रदेश से लगभग 500 टेलीमेडिसिन कर्मचारियों को निकालने के लिखित एवं मौखिक आदेश दिए गए हैं। इसके अलावा, जल जीवन मिशन से भी 20 जनवरी से 100 से अधिक आउटसोर्स सब इंजीनियरों की छंटनी की जा रही है।
ऑल डिपार्टमेंट आउटसोर्स एवं अस्थाई कर्मचारी मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष वासुदेव शर्मा के अनुसार, यह अघोषित छंटनी बढ़े हुए वेतन और 9 महीने के एरियर से बचने की रणनीति है। उन्होंने आरोप लगाया कि हमीदिया अस्पताल में पहले से ही 600 कर्मचारियों की कमी थी, ऐसे में 400 और कर्मियों को हटाना चिंताजनक है। विशेष रूप से चिंता का विषय यह है कि इन कर्मचारियों में से अधिकांश 10-15 वर्षों से सेवारत हैं और कोरोना महामारी जैसी विकट परिस्थितियों में भी अपनी सेवाएं देते रहे। टेलीमेडिसिन कर्मियों की छंटनी से प्रदेश के उप स्वास्थ्य केंद्रों में मरीजों की काउंसलिंग प्रभावित होगी। श्री शर्मा का कहना है कि सरकार उत्सव-महोत्सव और नेताओं के स्वागत-सत्कार पर तो खर्च कर रही है, लेकिन छोटे वेतनभोगी कर्मचारियों को आर्थिक तंगी का हवाला देकर नौकरी से निकाला जा रहा है।

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