हाई बीपी की वजह से लिवर में हो सकती है समस्या, जानिए इसके शुरुआती लक्षण
High BP: हाइपरटेंशन या हाई ब्लड प्रेशर कई स्वास्थ्य समस्याओं का कारण बन सकता है. इसके लक्षण देरी से पता चलते हैं. इस कारण इस बीमारी को साइलेंट किलर कहा जाता है. हाई बीपी का असर हारर्ट पर पड़ता है और ब्रेन पर भी होता है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि ये बीमारी लिवर तक को खराब कर सकती है. हाई बीपीलिवर फाइब्रोसिस तक का कारण बन सकता है. लिवर फाइब्रोसिस तब होता है जब लिवर बार-बार डैमेज होने लगता है और इसमें घाव होने लगता है.
यह लिवर के काम को खराब कर सकता है. अगर समय पर इसका इलाज नहीं किया गया तो यह लिवर सिरोसिस का कारण बन सकता है, जिस तरह हेपेटाइटिस या शराब का सेवन लिवर की बीमारियों का कारण बनता है. उसी तरह हाई बीपी भी लिवर को नुकसान पहुंचा सकता है.
हाई बीपी लिवर को कैसे खराब करता है
मेडिसिन के डॉ. बताते हैं कि बढ़ा हुआ बीपी लिवर में ब्लड के फ्लो को सही तरीके से नहीं होने देता है. लंबे समय तक अगर ये स्थिति रहती है तो इससे स्टेलेट सेल्स (फाइब्रोसिस के मुख्य चालक) को एक्टिव करता है. जब ऐसी सेल्स सक्रिय हो जाती हैं, तो वे कोलेजन और अन्य मैट्रिक्स का प्रोडक्शन जरूरत से ज्यादा करने लगती है. इससे लिवर डैमेज होने लगता है. अगर आपको हाई बीपी है और पाचन से संबंधित समस्या होने लगी है, तो ये लिवर की खराबी का लक्षण है. ऐसी स्थिति में आपको डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए.
हाई बीपी के मरीजों को हर दिन अपने बीपी की जांच करनी चाहिए. अगर ये बढ़ा हुआ रहता है तो डॉक्टर की सलाह के हिसाब से दवाएं खानी चाहिए. बीपी की बीमारी को कभी हल्के में नहीं लेनी चाहिए. अगर ये लिवर को खराब कर रही है तो ये खतरनाक है और इससे लिवर पूरी तरह डैमेज तक हो सकता है.
इन लक्षणों पर ध्यान दें
- थकान, कमजोरी.
- पेट में तकलीफ, पेट के ऊपरी दाहिने हिस्से में भरापन महसूस होना.
- सूजन.
- पीलिया.
- बिना वजह वजन कम होना.
- पेट सही तरीके से साफ न होना.

बगावत बर्दाश्त नहीं’ – टिकट विवाद पर Mamata Banerjee सख्त
बिहार को बनाएंगे देश का नंबर-1 प्रदेश – Nishant Kumar की पहली प्रतिक्रिया
होर्मुज संकट से हड़कंप: Strait of Hormuz बंद होने से ऊर्जा आपूर्ति पर बड़ा खतरा
अफीम उत्पादकों के लिए खुशखबरी! 1 अप्रैल से शुरू होगी तौल प्रक्रिया, सरकार ने बनाई रणनीति
नक्सलवाद पर संसद में गरजे Amit Shah, कहा– ‘गोली का जवाब गोली से