जबलपुर में निर्माण कार्य को लेकर हाई लेवल जांच की मांग
जबलपुर: फ्लाईओवर से गिरने लगे बोल्डर और कंक्रीट, बाल-बाल टला बड़ा हादसा; निर्माण की गुणवत्ता पर उठे सवाल
जबलपुर। मध्य प्रदेश की न्यायधानी जबलपुर में हाल ही में बने नए फ्लाईओवर की सुरक्षा को लेकर एक डरावनी तस्वीर सामने आई है। नवनिर्मित पुल से अचानक बोल्डर और कंक्रीट के बड़े टुकड़े नीचे गिरने से हड़कंप मच गया। विकास के बड़े-बड़े दावों के बीच हुई इस घटना ने पुल निर्माण में सुरक्षा मानकों और गुणवत्ता की पोल खोलकर रख दी है।
बाल-बाल बची राहगीरों की जान
गनीमत रही कि जिस समय पुल के ऊपर से यह भारी निर्माण सामग्री नीचे गिरी, उस वक्त वहां से कोई वाहन या पैदल यात्री नहीं गुजर रहा था। स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर यह मलबा किसी चलते वाहन पर गिरता, तो एक बड़ी जनहानि हो सकती थी। इस घटना के बाद से क्षेत्र के नागरिकों में फ्लाईओवर की मजबूती को लेकर डर और असुरक्षा का माहौल है।
युवा संघ ने खोला मोर्चा, तकनीकी ऑडिट की मांग
राष्ट्रीय शिक्षित युवा संघ ने इस मामले को लेकर प्रशासन के खिलाफ कड़ा आक्रोश व्यक्त किया है। संघ के जिला अध्यक्ष नीरज शर्मा ने इसे विभागीय लापरवाही का बड़ा सबूत बताया है। संगठन ने शासन-प्रशासन के सामने निम्नलिखित मांगें रखी हैं:
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टेक्निकल ऑडिट: पूरे फ्लाईओवर का किसी स्वतंत्र एजेंसी से तकनीकी ऑडिट कराया जाए।
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सार्वजनिक रिपोर्ट: निर्माण में इस्तेमाल की गई सामग्री की गुणवत्ता रिपोर्ट (Quality Report) को आम जनता के लिए सार्वजनिक किया जाए।
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दोषियों पर कार्रवाई: घटिया निर्माण और सुरक्षा में चूक के लिए जिम्मेदार अधिकारियों और संबंधित ठेका एजेंसी पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए।
प्रशासन को चेतावनी
युवा संघ ने दो टूक शब्दों में कहा है कि जनता की जान को जोखिम में डालकर किए गए किसी भी विकास कार्य को स्वीकार नहीं किया जाएगा। भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो, इसके लिए ठेका एजेंसियों की जवाबदेही तय करना अनिवार्य है।

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