घर पर अबॉर्शन को मजबूर अमेरिकी महिलाएं
नई दिल्ली। दो साल पहले अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने गर्भपात पर पाबंदी लगाते हुए राज्यों को अपनी तरफ से कानून में घट-बड़ करने की छूट दे दी। इसके बाद से वहां बड़ा बदलाव आया। गर्भपात हो तो अब भी रहे हैं, लेकिन घरेलू तरीकों से। कई बार मामले इतने बिगड़ जाते हैं कि महिला को अस्पताल जाने की नौबत आ जाती है। हाल में हुए एक सर्वे में ये बात निकलकर आई। इसके मुताबिक, खुद से अबॉर्शन करने वाली महिलाओं की संख्या तेजी से बढ़ी। अमेरिकन मेडिकल एसोसिएशन की पत्रिका जेएएमए नेटवर्क ओपन जर्नल ने बीते मंगलवार एक सर्वे के नतीजे छापे। रिसर्चरों ने सर्वे के पहले छह महीनों में 7 हजार महिलाओं, जबकि सालभर बाद 7 हजार से कुछ ज्यादा महिलाओं से समूहों से बात की। इसमें उन्होंने माना कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद से वे घर पर खुद ही अबॉर्शन के लिए मजबूर हैं। शोध छोटे ग्रुप पर किया गया लेकिन शोधकर्ताओं ने माना कि ऐसी औरतों की संख्या लाखों में हो सकती है।

बड़वानी में आधुनिक सब्जी मंडी से मजबूत होगी कृषि अर्थव्यवस्था : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
शासकीय सेवकों को मिलेगा 3 प्रतिशत अतिरिक्त महंगाई भत्ता : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
ईडन गार्डन कॉलोनी में प्रबंधन को लेकर बढ़ा विवाद, अधिकृत प्रकोष्ठ को प्रभार न मिलने से विकास कार्य ठप
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पूर्व विधायक राव राजकुमार यादव के स्वास्थ्य की जानकारी प्राप्त की
मुख्यमंत्री डॉ. यादव और कैबिनेट मंत्रियों ने निमाड़-मालवा के लोक देवता भीलट देव से सभी की समृद्धि के लिए की कामना