एनालॉग पनीर क्या होता है? सेहत पर असर और इसे बनाने की पूरी सच्चाई
पनीर भारतीय खानपान का एक बेहद लोकप्रिय और आवश्यक हिस्सा है, जिसे स्वाद और प्रचुर मात्रा में प्रोटीन प्राप्त करने के लिए देश के करोड़ों लोग अपनी दैनिक डाइट में शामिल करते हैं। हालांकि, बाजारों में शुद्ध दूध से बने प्राकृतिक पनीर के अलावा एक अन्य कृत्रिम उत्पाद भी धड़ल्ले से बिकता है, जिसे 'एनालॉग पनीर' (Analogue Paneer) कहा जाता है।
हाल ही में महाराष्ट्र सरकार द्वारा एनालॉग पनीर के उत्पादन और उसकी खुली बिक्री पर सख्त रोक लगाने का बड़ा फैसला लिए जाने के बाद यह विषय एक बार फिर से देश भर में चर्चा का केंद्र बन गया है। ऐसे में आम जनता के मन में यह सवाल उठना लाजिमी है कि आखिर यह एनालॉग पनीर क्या बला है, इसे किन चीजों से तैयार किया जाता है और यह हमारे द्वारा खाए जाने वाले सामान्य और असली पनीर से कितना भिन्न होता है। खाद्य विशेषज्ञों के मुताबिक, इस नकली पनीर में दूध के स्थान पर कई ऐसी सामग्रियों का इस्तेमाल किया जाता है, जो स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव डाल सकती हैं। आइए जानते हैं इससे जुड़े खतरे और जरूरी बातें।
एनालॉग पनीर क्या होता है?
एनालॉग पनीर एक ऐसा प्रोसेस्ड खाद्य उत्पाद है, जिसे दिखने, छूने और स्वाद में बिल्कुल असली पनीर जैसा बनाया जाता है, लेकिन हकीकत में यह पूरी तरह से दूध से निर्मित नहीं होता है। इस कृत्रिम पनीर में दूध के प्राकृतिक फैट की जगह सस्ते वनस्पति तेल (Vegetable Oils), स्टार्च, सोया प्रोटीन और विभिन्न प्रकार के सिंथेटिक पदार्थों का उपयोग किया जाता है।
चूंकि इसे बेहद कम लागत में तैयार किया जाता है, इसलिए कई बार होटल, ढाबे और व्यावसायिक प्रतिष्ठान इसे सस्ते विकल्प के रूप में इस्तेमाल करते हैं। लेकिन आम उपभोक्ताओं के लिए यह पहचान पाना बेहद कठिन होता है कि वे जो पनीर खरीद रहे हैं, वह शुद्ध दूध का है या खतरनाक एनालॉग पनीर।
कैसे तैयार किया जाता है एनालॉग पनीर?
एनालॉग पनीर के निर्माण में आमतौर पर निम्नलिखित सामग्रियों का प्रयोग किया जाता है:
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पाम ऑयल या अन्य सस्ते वनस्पति तेल व फैट
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विभिन्न प्रकार का स्टार्च
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सोयाबीन या अन्य पौधों से मिलने वाला वनस्पति प्रोटीन
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पनीर जैसी बनावट और रंगत देने वाले केमिकल्स व एडिटिव्स
इन सबको एक निश्चित तापमान पर मिलाकर ऐसा टेक्सचर तैयार किया जाता है, जो पकाने पर बिल्कुल असली पनीर जैसा ही प्रतीत होता है।
एनालॉग पनीर का सेवन करने के नुकसान
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1. पोषक तत्वों की भारी कमी: शुद्ध और असली पनीर पूरी तरह दूध से बनता है, जिसमें भरपूर मात्रा में कैल्शियम, गुड प्रोटीन और शरीर के लिए आवश्यक सूक्ष्म पोषक तत्व पाए जाते हैं। इसके विपरीत, एनालॉग पनीर में दूध से मिलने वाला पोषण या तो नगण्य होता है या पूरी तरह अनुपस्थित रहता है, जिससे शरीर को अपेक्षित स्वास्थ्य लाभ नहीं मिलते।
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2. अनहेल्दी फैट और वजन बढ़ना: इस कृत्रिम पनीर में लो-क्वालिटी के वनस्पति तेलों और फैट का इस्तेमाल किया जाता है, जिनका अत्यधिक सेवन करने से शरीर में कैलोरी की मात्रा अचानक बढ़ती है और वजन बढ़ने (मोटापे) की समस्या पैदा हो सकती है।
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3. हृदय स्वास्थ्य (Heart Health) पर बुरा असर: यदि इसे बनाने में खराब गुणवत्ता वाले रिफाइंड ऑयल या अत्यधिक मात्रा में सैचुरेटेड फैट का उपयोग किया गया हो, तो इसका लंबे समय तक सेवन करना मानव हृदय के स्वास्थ्य के लिए गंभीर चिंता का कारण बन सकता है।
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4. मिलावट और टॉक्सिन्स का जोखिम: यदि एनालॉग पनीर को खाद्य सुरक्षा और तय मानकों के विरुद्ध जाकर तैयार किया गया है, तो इसमें इस्तेमाल होने वाले केमिकल और अशुद्धियां सेहत को भारी नुकसान पहुंचा सकती हैं।
असली और एनालॉग पनीर में अंतर कैसे पहचानें?
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शुद्ध और असली पनीर आम तौर पर ताजे दूध की हल्की खुशबू और बेहद कोमल (सॉफ्ट) बनावट वाला होता है।
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इसके विपरीत, एनालॉग पनीर छूने में अधिक रबड़ जैसा, कड़ा या असामान्य टेक्सचर वाला महसूस हो सकता है।
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बाजार से पैकबंद (Packaged) पनीर खरीदते समय उसके पैकेट पर दिए गए 'इंग्रीडिएंट लिस्ट' (सामग्री सूची) को ध्यान से जरूर पढ़ें।
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हमेशा भरोसेमंद ब्रांड्स या सरकार से प्रमाणित अधिकृत डेयरियों और दुकानों से ही पनीर खरीदें।

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