इंदौर। मध्य प्रदेश के इंदौर स्थित ऐतिहासिक बांके बिहारी मंदिर के बाहर श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के पावन अवसर पर लगे डिजिटल डिस्प्ले बोर्ड पर अचानक अरबी की आयतें प्रसारित होने का विवादित मामला प्रकाश में आया है। इस घटना के सामने आते ही विभिन्न हिंदू संगठनों ने कड़ा विरोध दर्ज कराया, जिसके बाद स्थानीय पुलिस ने मामले का संज्ञान लेते हुए जांच शुरू कर दी है।

धार्मिक नारों की जगह प्रसारित हुईं आयतें

जन्माष्टमी के उपलक्ष्य में मंदिर परिसर में विशेष पूजा-अर्चना और अनुष्ठान आयोजित किए गए थे। श्रद्धालुओं की सुविधा और उत्सव के माहौल के लिए मंदिर के मुख्य द्वार के बाहर एक डिजिटल डिस्प्ले बोर्ड लगाया गया था। इस स्क्रीन पर भगवान श्रीकृष्ण की स्तुति से जुड़े भजन और धार्मिक नारे जैसे 'राधे-राधे', 'जय कन्हैया लाल की' और 'नंद के आनंद भयो' प्रसारित किए जाने थे, किंतु तकनीकी लापरवाही के चलते कुछ समय के लिए अरबी और उर्दू भाषा की पंक्तियां स्क्रीन पर दिखने लगीं।

हिंदू संगठनों का कड़ा विरोध

स्क्रीन पर अन्य धार्मिक इबारत दिखने के बाद हिंदू संगठनों ने कड़ी आपत्ति जताई। पदाधिकारियों का कहना था कि जन्माष्टमी जैसे प्रमुख हिंदू पर्व पर इस तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जा सकती। उन्होंने इसे जानबूझकर की गई साजिश की आशंका जताते हुए निष्पक्ष पुलिस जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।

पेनड्राइव से जुड़ी लापरवाही आई सामने

पुलिस की प्रारंभिक जांच में डिस्प्ले ऑपरेटर की गंभीर लापरवाही उजागर हुई है। ऑपरेटर ने पूछताछ में स्पष्ट किया कि वह विभिन्न धार्मिक कार्यक्रमों के लिए डिस्प्ले सामग्री तैयार करता है और सभी कार्यक्रमों का डेटा एक ही पेनड्राइव में सुरक्षित था। पेनड्राइव कनेक्ट करते समय तकनीकी चूक के चलते फाइलें क्रमवार चलने लगीं और अनजाने में यह सामग्री स्क्रीन पर आ गई। मामला संज्ञान में आते ही सामग्री को तुरंत स्क्रीन से हटा दिया गया। पुलिस पूरे मामले के तकनीकी पहलुओं की विस्तृत पड़ताल कर रही है।