बच्चों को टीवी के सामने खाना खिलाना पड़ सकता है भारी, पेरेंट्स रहें सावधान
आज के दौर में यह एक आम बात हो गई है कि अधिकांश बच्चे टेलीविजन (TV) देखते हुए ही अपना भोजन करते हैं, लेकिन स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार यह आदत बच्चों के लिए बिल्कुल भी सही नहीं है। बच्चों की इस बुरी आदत के कारण खाया हुआ भोजन उनके शरीर को पूरी तरह नहीं लगता है, जिसके परिणामस्वरूप वे बचपन के मोटापे (ओबेसिटी) सहित कई अन्य गंभीर बीमारियों की चपेट में आ सकते हैं। जरूरत से ज्यादा समय तक टीवी के सामने बैठे रहने से बच्चों का शारीरिक और मानसिक विकास दोनों ही बाधित होने लगता है, क्योंकि ऐसे बच्चे पूरा-पूरा दिन स्क्रीन के सामने चिपके रहते हैं। वे न तो बाहर मैदान में खेलने जाते हैं और धीरे-धीरे अपनी पढ़ाई में भी काफी पिछड़ने लगते हैं। इसलिए बच्चों की इस हानिकारक आदत को समय रहते तत्काल रोक देना चाहिए।
माता-पिता की छोटी सी गलती बिगाड़ देती है बच्चे की आदत
अक्सर यह देखा जाता है कि जब छोटे बच्चे खाना खाने से आनाकानी करते हैं या तरह-तरह के नखरे दिखाते हैं, तो उनकी माताएँ उन्हें शांत करने या बहलाने के लिए टीवी या मोबाइल चालू कर देती हैं, ताकि वे आसानी से खाना खा लें। लेकिन ऐसा बिल्कुल भी नहीं करना चाहिए। इस तरह का शॉर्टकट अपनाकर माताएँ खुद ही अनजाने में अपने बच्चे की खानपान की अच्छी आदतों को खराब करती हैं।
विशेषकर रात के समय डिनर करते वक्त बच्चों को टीवी देखने से पूरी तरह रोकना चाहिए, क्योंकि यह वह समय होता है जब पूरा परिवार दिनभर के बाद एक साथ बैठकर प्रेम से भोजन करता है। इस दौरान परिवार के सभी सदस्य दिनभर की अच्छी-बुरी बातें एक-दूसरे के साथ साझा करते हैं, जिससे पारिवारिक जुड़ाव मजबूत होता है और बच्चे भी अनुशासित होते हैं।
टीवी देखने की लत छुड़ाने के लिए अपनाएं ये जरूरी उपाय
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टीवी की जगह बदलें: यदि आपके घर में टेलीविजन ड्राइंग रूम या लिविंग रूम में लगा हुआ है, जहाँ बच्चा आसानी से घंटों बैठा रहता है, तो इसे अपने किसी अन्य कमरे में शिफ्ट कर लें। ऐसा करने से आपको सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि आप अपने बच्चे के स्क्रीन टाइम पर आसानी से नजर रख सकेंगे और वह जरूरत से ज्यादा समय तक टीवी नहीं देख पाएगा।
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हिंसक फिल्मों से रखें दूर: टीवी पर लड़ाई-झगड़े, हिंसा या एक्शन से भरपूर फिल्में और कार्यक्रम देखने से बच्चों के कोमल मन पर बेहद बुरा और नकारात्मक असर पड़ता है। यदि आपका बच्चा टीवी देखने की जिद छोड़े नहीं, तो बेहतर होगा कि आप खुद उसके साथ टीवी देखने के लिए बैठें। इसके अलावा, टीवी के गलत और अनुपयुक्त चैनलों पर हमेशा 'चाइल्ड लॉक' लगाकर रखें, ताकि बच्चे अनजाने में भी ऐसे चैनल न देख सकें।
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बच्चों के कमरे में कभी न लगाएं टीवी: यदि आप चाहते हैं कि आपका बच्चा पढ़ाई-लिखाई में हमेशा आगे रहे और उसका बौद्धिक विकास बेहतर हो, तो भूलकर भी उसके स्टडी रूम या बेडरूम में टीवी न रखें। अन्यथा, वह पढ़ाई के साथ-साथ खेलकूद और अन्य रचनात्मक गतिविधियों में भी काफी पीछे रह जाएगा।
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शारीरिक सक्रियता और हॉबी क्लासेज: जो बच्चे पूरा दिन टीवी के आगे बैठे रहते हैं, वे शारीरिक रूप से बेहद आलसी और सुस्त हो जाते हैं और कभी भी घर से बाहर मैदान में खेलने के लिए नहीं जाते। लगातार स्क्रीन देखने से न तो बच्चे का दिमाग सक्रिय रूप से काम करता है और न ही उन्हें किसी प्रकार की शारीरिक थकान महसूस होती है, जिसके कारण उनका शारीरिक विकास रुक जाता है। बच्चों की टीवी देखने की इस लत को पूरी तरह छुड़ाने के लिए उन्हें किसी अच्छे स्पोर्ट्स क्लब, खेल के मैदान या किसी रचनात्मक हॉबी क्लास में दाखिला दिलाएँ। कभी भी किसी भी कारण से बच्चे का ध्यान बंटाने या उसे व्यस्त रखने के लिए उसे टीवी देखने की अनुमति बिल्कुल न दें।

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