अदाणी पोर्ट्स का नया प्लान, मुंद्रा में खाली कंटेनरों की पूरी व्यवस्था एक जगह
भारत के सबसे बड़े एकीकृत परिवहन संचालक अदाणी पोर्ट्स एंड स्पेशल इकोनॉमिक जोन लिमिटेड (एपीएसईजेड) ने मुंद्रा में एक अत्याधुनिक और समर्पित खाली कंटेनर यार्ड (Empty Container Yard) शुरू करने की घोषणा की है। एकीकृत भंडारण सुविधा से लैस यह नया केंद्र कंपनी की महत्वाकांक्षी 'एंबिशन 2031' रणनीति का एक प्रमुख हिस्सा है। इस पहल का मुख्य उद्देश्य बंदरगाह पर कंटेनर प्रबंधन क्षमता को कई गुना बढ़ाना, अनावश्यक ढुलाई को समाप्त करना और देश की रसद व आपूर्ति श्रृंखला को अधिक सुगम व किफायती बनाना है।
कंटेनरों के पूरे जीवनचक्र का एक ही छत के नीचे प्रबंधन
यह अत्याधुनिक यार्ड खाली कंटेनरों के पूर्ण जीवनचक्र के लिए एकीकृत सेवाएं मुहैया कराएगा। इसमें खाली कंटेनरों का सुरक्षित भंडारण, नियमित रखरखाव, तकनीकी निरीक्षण और निर्यातकों तक उनकी त्वरित व निर्बाध आपूर्ति शामिल है। एपीएसईजेड अगले पांच वर्षों में अपने संपूर्ण पोर्ट नेटवर्क में 60 लाख टीईयू (TEU) से अधिक की अतिरिक्त कंटेनर हैंडलिंग क्षमता जोड़ने जा रही है, जिसमें मुंद्रा पोर्ट मुख्य आधार बना रहेगा।
कंपनी के प्रबंध निदेशक अश्विनी गुप्ता ने कहा कि यह समर्पित यार्ड संपूर्ण कंटेनर पारिस्थितिकी तंत्र की दक्षता में व्यापक सुधार लाएगा। इससे टर्नअराउंड समय घटेगा, कंटेनरों की अनावश्यक आवाजाही रुकेगी और माल ढुलाई लागत का अनुकूलन संभव होगा। उन्होंने जोर देकर कहा कि विश्वस्तरीय बुनियादी ढांचे का निर्माण 'ईज ऑफ डूइंग बिजनेस' को मजबूत करते हुए देश के आर्थिक विकास और 'विकसित भारत' के संकल्प को गति देगा।
भारत के कंटेनर व्यापार की जीवनरेखा बना मुंद्रा पोर्ट
वित्त वर्ष 2025-26 के आंकड़ों के अनुसार, भारत के कुल कंटेनर बाजार में अदाणी पोर्ट्स की हिस्सेदारी 45.5 प्रतिशत तक पहुंच चुकी है। इसमें अकेले मुंद्रा पोर्ट देश के करीब 35 प्रतिशत कंटेनर व्यापार का प्रबंधन करता है, जिससे यह देश का सबसे बड़ा कंटेनर-हैंडलिंग बंदरगाह बन चुका है। मुंद्रा में प्रतिवर्ष लगभग 16 लाख टीईयू खाली कंटेनरों का प्रबंधन किया जाता है, जो भारत के आयात-निर्यात व्यापार में इसकी रणनीतिक अहमियत को रेखांकित करता है।
सरकारी नीतियों के अनुरूप आधुनिक लॉजिस्टिक्स तंत्र
यह पहल केंद्र सरकार की उस नीति के पूर्णतः अनुकूल है, जिसके तहत देश में तकनीक-सक्षम, तीव्र और लागत-कुशल रसद प्रणाली विकसित करने पर जोर दिया जा रहा है। वर्तमान में एपीएसईजेड देश के 16 रणनीतिक तटीय बंदरगाहों और टर्मिनलों का संचालन कर रहा है। इसके साथ ही कंपनी के पास 136 पोतों का एक मजबूत समुद्री बेड़ा और व्यापक स्तर पर फैला एकीकृत लॉजिस्टिक्स ढांचा मौजूद है।
वर्तमान में एपीएसईजेड की कुल कार्गो हैंडलिंग क्षमता 653 मिलियन टन प्रतिवर्ष है, जो भारत के कुल बंदरगाह कार्गो मात्रा के लगभग 27 प्रतिशत के बराबर है। कंपनी ने वर्ष 2030 तक 1 अरब मीट्रिक टन (1 Billion Tonnes) कार्गो प्रवाह क्षमता हासिल करने का लक्ष्य निर्धारित किया है। मुंद्रा में स्थापित यह नया कंटेनर यार्ड इस दीर्घकालिक लक्ष्य की प्राप्ति में केंद्रीय भूमिका निभाएगा।
