देसी कार्बाइड गन से हादसों की बाढ़, CM ने कहा—“किसी भी जिले में बिक्री नहीं होगी”
भोपाल। दिवाली के मौके पर देश में कार्बाइड गन बनाने और उसे बेचने का एक नया ट्रेंड शुरू हुआ है. इस देसी पटाखा और जुगाड़ वाली कार्बाइड गन से मध्य प्रदेश में अब तक 320 बच्चें घायल हो गए हैं, जिनमें 80 प्रतिशत लोग भोपाल से ही हैं . भोपाल के कई अलग-अलग अस्पतालों में 189 लोग इलाज के लिए पहुंचे हैं. जानकारी के अनुसार अब तक 43 मरीजों की एम्नियोटिक मेम्ब्रेन सर्जरी हो चुकी है. भोपाल एम्स में 9, हमीदिया में 5, सेवा सदन में 16, बीएमएचआरसी में 4 और निजी अस्पतालों में 9 लोगों की सर्जरी हुई है. डॉक्टरों का कहना है कि अगर इससे सुधार नहीं हुआ तो स्टेम सेल और कॉर्नियल ट्रांसप्लांट करना पड़ेगा.
सीएम मोहन यादव ने कार्बाइड गन की खरीदी-बिक्री पर रोक के दिए निर्देश
कल हमीदिया अस्पताल पहुंचकर सीएम मोहन यादव ने भी घायल बच्चों और उनके परिजनों से मुलाकात की है. सीएम मोहन यादव ने परिजनों को आश्वासन दिया कि सभी को बेहतर इलाज मुहैया करवाया जा रहा है, कहीं भी कोई लापरवाही नहीं बरती जाएगी. इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने अस्पताल के डॉक्टर्स और स्टाफ से भी मुलाकात की. उन्होंने अधिकारियों को सख्त हिदायत दी है कि इलाज में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी. बच्चों से मुलाकात के बाद सीएम यादव ने मध्य प्रदेश में कार्बाइड गन की खरीदी-बिक्री पर रोक लगाने के निर्देश दिए हैं.
एमपी मे कार्बाइड गन पर लगा बैन
नए ट्रेंड के साथ बाजार में आई कार्बाईड गन पर भोपाल, ग्वालियर, और विदिशा में बैन कर दिया गया है. राजधानी भोपाल में इसके निर्माण, भंडारण और बिक्री पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगाकर अवैध रूप से इसे बेचने वालों पर बीएनएस की धारा 288 के तहत मामल दर्ज किया गया है.

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